Transliteration: (Wallazeenaj tanabut Taaghoota ai ya'budoohaa wa anaabooo ilal laahi lahumul bushraa; fabashshir 'ibaad)
"और जिन लोगों ने ताग़ूत (बुतों व शैतान) की पूजा से अपने आपको बचाया [47] और अल्लाह की तरफ़ रुजूअ किया [48], उनके लिए बड़ी ख़ुशख़बरी है [49]; पस आप मेरे उन बंदों को बशारत दे दीजिए,"
ताग़ूत हर उस चीज़ को कहते हैं जो सरकशी और गुमराही का सबब बने (शैतान, बुत और कुफ़्र के सरदार)। उनसे मुकम्मल बेज़ारी लाज़िम है।
जब तक बातिल से दिल साफ़ न हो, अल्लाह की तरफ़ रुजूअ मुकम्मल नहीं होता; तौहीद और शिर्क एक दिल में जमा नहीं हो सकते।
अल्लाह ने अपने हबीब ﷺ को हुक्म दिया कि ऐसे बा-वफ़ा और मुख़लिस बंदों को मग़फ़िरत और जन्नत की ख़ुशख़बरी सुना दीजिए।
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