Transliteration: (Faman azlamu mimman kazaba 'alal laahi wa kazzaba bissidqi iz jaaa'ah; alaisa fee Jahannama maswal lilkaafireen)
"तो उससे बड़ा ज़ालिम कौन जो अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ पर à¤à¥‚ठबोले [81] और सच को à¤à¥à¤ लाठ[82] जब वह उसके पास आà¤? कà¥à¤¯à¤¾ काफ़िरों का ठिकाना जहनà¥à¤¨à¤® में नहीं है [83]?"
अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला की ज़ात व सिफ़ात में शरीक ठहराना, उसके लिठऔलाद तसलीम करना, या यह कहना कि उसने फ़à¥à¤²à¤¾à¤‚ शिरà¥à¤• या गà¥à¤¨à¤¾à¤¹ का हà¥à¤•à¥à¤® दिया है—यह अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ पर सबसे बड़ा à¤à¥‚ठऔर बोहतान है। अक़ीदे का बिगाड़ सबसे बड़ा ज़à¥à¤²à¥à¤® है।
सिदà¥à¤•़ (सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ) से मà¥à¤°à¤¾à¤¦ क़à¥à¤°à¤†à¤¨-à¤-मजीद है जो सरापा हक़ है, या हà¥à¤œà¤¼à¥‚र सैयदे आलम सलà¥à¤²à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹à¥ अलैहि व सलà¥à¤²à¤® की ज़ात-à¤-मà¥à¤¬à¤¾à¤°à¤• है जो मà¥à¤œà¤¸à¥à¤¸à¤® सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ हैं। जो शख़à¥à¤¸ à¤à¤¸à¥‡ रोशन दलाइल और मà¥à¤…जà¥à¤œà¤¼à¤œà¤¼ रसूल को देखकर à¤à¥€ तकबà¥à¤¬à¥à¤° से à¤à¥à¤ लाà¤, उससे बढ़कर ज़ालिम कौन हो सकता है?
जहनà¥à¤¨à¤® काफ़िरों और मà¥à¤¶à¤°à¤¿à¤•ों का दायमी और मà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•़िल ठिकाना है। गà¥à¤¨à¤¾à¤¹à¤—ार मोमिनीन अगर जहनà¥à¤¨à¤® में गठà¤à¥€, तो अपनी सज़ा à¤à¥à¤—तकर या नबी करीम ï·º की शफ़ाअत से निकाल लिठजाà¤à¤‚गे, मगर काफ़िर हमेशा-हमेशा उसी में जलेंगे।
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