Transliteration: (Innaka maiyitunw wa inna hum maiyitoon)
"बेशक आपको à¤à¥€ विसाल फ़रमाना है [78] और उन सबको à¤à¥€ मरना है [79] ।"
यहाठहà¥à¤œà¤¼à¥‚र सलà¥à¤²à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹à¥ अलैहि व सलà¥à¤²à¤® को मà¥à¤–़ातब करके फ़रमाया गया कि ज़ाहिरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤µà¥€ हयात का परà¥à¤¦à¤¾ उठेगा और आप अपने रब के विसाल से मà¥à¤¶à¤°à¥à¤°à¤«à¤¼ होंगे। अंबिया-à¤-किराम अलैहिमà¥à¤¸à¥à¤¸à¤²à¤¾à¤® की मौत सिरà¥à¤«à¤¼ à¤à¤• आन (लमà¥à¤¹à¥‡) के लिठज़ाइक़ा चखने की हद तक होती है, जिसके बाद उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी क़बà¥à¤°à¥‹à¤‚ में हयात-à¤-हक़ीक़िया अता होती है। जैसा कि हदीस शरीफ़ में फ़रमाया गया: "अंबिया अपनी क़बà¥à¤°à¥‹à¤‚ में ज़िंदा हैं और नमाज़ें पढ़ते हैं।"
काफ़िरों और आम इंसानों की मौत रूह के जिसà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥€ तअलà¥à¤²à¥à¤•़ के मà¥à¤¨à¤•़ता होने और उनके आमालनामे के बंद होने की सूरत में होती है। अंबिया-à¤-किराम की मà¥à¤¬à¤¾à¤°à¤• रूहें जिसà¥à¤® से जà¥à¤¦à¤¾ होकर à¤à¥€ अपने जिसà¥à¤®à¥‹à¤‚ और उमà¥à¤®à¤¤ के अहवाल से मà¥à¤•मà¥à¤®à¤² बाख़बर और मà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¸à¤¿à¤² रहती हैं, उनके मà¥à¤•़दà¥à¤¦à¤¸ जिसà¥à¤®à¥‹à¤‚ को ज़मीन का खाना हराम कर दिया गया है।
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