Transliteration: (Liyukaffiral laahu 'anhum aswa allazee 'amiloo wa yajziyahum ajrahum bi ahsanil lazee kaano ya'maloon)
"ताकि अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ उनसे उनकी बà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚ को दूर फ़रमा दे जो उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कीं [86] [87], और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उनके बेहतरीन आमाल का सिला अता फ़रमाठ[88] ।"
सचà¥à¤šà¥‡ ईमान और इख़à¥à¤²à¤¾à¤¸ की बरकत से अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला इंसान की पिछली तमाम लग़à¥à¤œà¤¼à¤¿à¤¶à¥‹à¤‚ और कोताहियों को मिटा देता है और अपने फ़ज़à¥à¤² से उनकी सज़ा से महफ़ूज़ फ़रमा देता है।
अगर इसà¥à¤²à¤¾à¤® लाने से पहले ज़माना-à¤-जाहिलियत में कोई बात हà¥à¤ˆ हो, तो इसà¥à¤²à¤¾à¤® लाने से वह सब माफ़ हो जाती है। हज़रत अबू बकà¥à¤° सिदà¥à¤¦à¥€à¤•़ रज़ियलà¥à¤²à¤¾à¤¹à¥ अनà¥à¤¹à¥ ने तो ज़माना-à¤-जाहिलियत में à¤à¥€ कà¤à¥€ बà¥à¤¤à¤ªà¤°à¤¸à¥à¤¤à¥€ या शराबनोशी नहीं की थी, मगर अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ का करम à¤à¤¸à¤¾ वसीअ है कि मà¥à¤•़रà¥à¤°à¤¬à¥€à¤¨ के दरà¥à¤œà¤¾à¤¤ को हर शाइबे से पाक फ़रमा देता है।
अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ करीम का दसà¥à¤¤à¥‚र-à¤-रहमत है कि वह बंदों के नेक आमाल में से सबसे आला और अफ़ज़ल अमल के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•़ अजà¥à¤° अता फ़रमाता है, जिससे छोटे नेक आमाल की क़ीमत à¤à¥€ बà¥à¤²à¤‚दतरीन दरà¥à¤œà¥‡ तक पहà¥à¤à¤š जाती है।
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