कुरान - 41:13 सूरह फुस्सिलात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

13
فَإِنۡ أَعۡرَضُواْ فَقُلۡ أَنذَرۡتُكُمۡ صَٰعِقَةٗ مِّثۡلَ صَٰعِقَةِ عَادٖ وَثَمُودَ

Transliteration: (Fa-in a'radoo faqul anzartukum saa'iqatam misla saa'iqati 'Aadinw wa Samood)

फिर अगर वे मुंह मोड़ें [33], तो आप फ़रमा दीजिए: मैंने तुम्हें ऐसे कड़कते अज़ाब (साइक़ा) से डरा दिया है जैसा अज़ाब [34] आद और समूद पर आया था! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह फुस्सिलात आयत 13 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह फ़ुस्सिलत (हा-मीम अस-सजदा) तफ़सीर - आयत 13

फिर अगर वे मुंह मोड़ें [33], तो आप फ़रमा दीजिए: मैंने तुम्हें ऐसे कड़कते अज़ाब (साइक़ा) से डरा दिया है जैसा अज़ाब [34] आद और समूद पर आया था!

[33] हक़ से मुंह मोड़ने का अंजाम

अगर इन तमाम रौशन दलाइल और मोजिज़ात के बावजूद ये मुशरिक़ीन ईमान न लाएं और हक़ से एराज़ करें, तो हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को हुक्म दिया गया कि उन्हें खुले लफ़्ज़ों में अज़ाब-ए-इलाही से आगाह फ़रमा दें।

[34] आद और समूद जैसी हलाक करने वाली कड़क

'साइक़ा' से मुराद वह हलाकन अज़ाब या आसमानी कड़क है जिसने पिछली सरकश क़ौमों को तहस-नहस कर दिया था:

  • क़ौम-ए-आद को इंतिहाई तेज़ व सर्द तूफ़ानी आंधी से हलाक किया गया।
  • क़ौम-ए-समूद को हज़रत जिब्रील अलैहिस्सलाम की हैबतनाक चीख़ और बिजली की कड़क से नेस्त व नाबूद कर दिया गया।

यह क़ुरैश के लिए सख़्त चेतावनी है कि अगर तुमने भी अपने नबी की नाफ़रमानी जारी रखी, तो तुम्हारे ऊपर भी ऐसा ही अज़ाब आ सकता है।

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