Transliteration: (Fa ammaa 'Aadun fastak baroo fil ardi bighairul haqqi wa qaaloo man ashaddu minnaa quwwatan awalam yaraw annal laahal lazee khalaqahum Huwa ashaddu minhum quwwatanw wa kaanoo bi Aayaatinaa yajhadoon)
पस जो आद थे [39], उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ज़मीन में नाहक़ तकबà¥à¤¬à¥à¤° किया [40] और कहा: ताक़त में हमसे ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ज़बरदसà¥à¤¤ कौन है [41]? कà¥à¤¯à¤¾ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने नहीं देखा कि जिस अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पैदा किया वह ताक़त में उनसे कहीं ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ज़बरदसà¥à¤¤ है [42]? और वे हमारी आयतों का इनà¥à¤•ार ही करते रहे।
क़ौम-à¤-आद अहक़ाफ़ (यमन और ओमान के दरमियान) में आबाद थी। हज़रत हूद अलैहिसà¥à¤¸à¤²à¤¾à¤® उनकी तरफ़ रसूल बनाकर à¤à¥‡à¤œà¥‡ गठथे। वे जिसà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥€ क़द-ओ-क़ामत और ताक़त में बेमिसाल थे और बड़े-बड़े आलीशान महल और सà¥à¤¤à¥‚न तामीर करते थे।
अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला की दी हà¥à¤ˆ ताक़त और नेअमतों पर शà¥à¤•à¥à¤° बजा लाने के बजाठवे ज़मीन में फ़साद मचाने लगे और अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ के बंदों पर ज़à¥à¤²à¥à¤® व सितम ढाने लगे। किसी à¤à¥€ मख़à¥à¤²à¥‚क़ के लिठतकबà¥à¤¬à¥à¤° ज़ेब नहीं देता।
वे अपनी ताक़त के नशे में चूर होकर कहने लगे कि पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में हमसे ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ज़ोरआवर कौन है! उनका यह तकबà¥à¤¬à¥à¤° उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने ख़ालिक़ को à¤à¥à¤²à¤¾ बैठा जिसने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यह ताक़त बख़à¥à¤¶à¥€ थी।
क़à¥à¤°à¤†à¤¨ मजीद ने उनकी नादानी पर तंबीह फ़रमाई कि जिस ज़ात-à¤-पाक ने तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ अदम से वजूद बख़à¥à¤¶à¤¾ और इतनी ताक़त अता की, कà¥à¤¯à¤¾ उसकी ताक़त और क़à¥à¤¦à¤°à¤¤ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ ताक़त से बेइंतिहा बढ़ कर नहीं है! मख़à¥à¤²à¥‚क़ का ख़ालिक़ के मà¥à¤•़ाबले में अपनी ताक़त पर इतराना बदतरीन हिमाक़त है।
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