कुरान - 41:23 सूरह फुस्सिलात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

23
وَذَٰلِكُمۡ ظَنُّكُمُ ٱلَّذِي ظَنَنتُم بِرَبِّكُمۡ أَرۡدَىٰكُمۡ فَأَصۡبَحۡتُم مِّنَ ٱلۡخَٰسِرِينَ

Transliteration: (Wa zaalikum zannukumul lazee zanantum bi-Rabbikum ardaakum fa asbahtum minal khaasireen)

और तुम्हारे इसी गुमान ने जो तुमने अपने रब के बारे में किया था, तुम्हें हलाक कर दिया [60], पस तुम नुक़सान उठाने वालों में से हो गए। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह फुस्सिलात आयत 23 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह फ़ुस्सिलत (हा-मीम अस-सजदा) तफ़सीर - आयत 23

और तुम्हारे इसी गुमान ने जो तुमने अपने रब के बारे में किया था, तुम्हें हलाक कर दिया [60], पस तुम नुक़सान उठाने वालों में से हो गए।

[60] रब के बारे में बदगुमानी की हलाकत

अल्लाह तआला के इल्म व क़ुदरत और आख़िरत के बारे में ग़लत गुमान ने ही मुशरिक़ीन को हलाकत के गढ़े में गिराया। हदीस-ए-क़ुदसी में अल्लाह तआला फ़रमाता है: "मैं अपने बंदे के साथ वैसा ही मामला फ़रमाता हूं जैसा वह मेरे बारे में गुमान रखता है।"

मोमिन को अल्लाह तआला की रहमत से हुस्न-ए-ज़न (अच्छा गुमान) रखना चाहिए, जबकि काफ़िरों की बदगुमानी ने उन्हें हमेशा के घाटे और जहन्नम का हक़दार बना दिया।

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