Transliteration: (Fa-iny yasbiroo fan Naaru maswal lahum wa iny-yasta'tiboo famaa hum minal mu'tabeen)
पस अगर वे सबà¥à¤° करें [61] तो à¤à¥€ आग ही उनका ठिकाना है [62], और अगर वे (अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ को) राज़ी करना चाहें तो à¤à¥€ वे राज़ी किठजाने वालों में से न होंगे [63]!
दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में मà¥à¤¸à¥€à¤¬à¤¤ पर सबà¥à¤° करना बाइस-à¤-सवाब और दरà¥à¤œà¤¾-à¤-क़à¥à¤°à¥à¤¬ होता है, लेकिन जहनà¥à¤¨à¤® के अज़ाब में काफ़िर चाहे सबà¥à¤° करें या चीख़ो-पà¥à¤•ार करें, दोनों बराबर हैं। वहां सबà¥à¤° करने से à¤à¥€ अज़ाब में कोई कमी नहीं होगी।
जहनà¥à¤¨à¤® उनका दायमी और कà¤à¥€ न बदलने वाला ठिकाना है जिससे रिहाई का कोई इमकान नहीं। अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला हम सबको अपने करम से दोज़ख़ की आग से महफ़ूज़ फ़रमाà¤à¥¤
दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ दारà¥à¤²-अमल थी जहां तौबा क़बूल होती थी; आख़िरत दारà¥à¤²-जज़ा है जहां तौबा या राज़ी करने की कोई गà¥à¤‚जाइश नहीं। वहां उनकी कोई फ़रियाद नहीं सà¥à¤¨à¥€ जाà¤à¤—ी और न ही उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कोई उज़à¥à¤° पेश करने की इजाज़त होगी।
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