कुरान - 41:27 सूरह फुस्सिलात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

27
فَلَنُذِيقَنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ عَذَابٗا شَدِيدٗا وَلَنَجۡزِيَنَّهُمۡ أَسۡوَأَ ٱلَّذِي كَانُواْ يَعۡمَلُونَ

Transliteration: (Falanuzeeqannal lazeena kafaroo 'azaaban shadeedanw wa lanajziyannahum aswallazee kaanoo ya'maloon)

पस हम उन काफ़िरों को यक़ीनन सख़्त अज़ाब [71] का मज़ा चखाएंगे और हम उन्हें उनके बदतरीन आमाल का पूरा बदला देंगे [72] जो वे किया करते थे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह फुस्सिलात आयत 27 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह फ़ुस्सिलत (हा-मीम अस-सजदा) तफ़सीर - आयत 27

पस हम उन काफ़िरों को यक़ीनन सख़्त अज़ाब [71] का मज़ा चखाएंगे और हम उन्हें उनके बदतरीन आमाल का पूरा बदला देंगे [72] जो वे किया करते थे।

[71] क़ुरआन की मुख़ालिफ़त पर सख़्त अज़ाब की वईद

जो लोग अल्लाह के कलाम की मुख़ालिफ़त करते हैं, लोगों को राह-ए-हक़ से रोकते हैं और क़ुरआन का मज़ाक़ उड़ाते हैं, उनके लिए दुनिया में ज़िल्लत और आख़िरत में इंतिहाई सख़्त व दर्दनाक अज़ाब मुक़र्रर है जिससे वे किसी तरह बच नहीं सकते।

[72] बदतरीन आमाल का पूरा बदला

हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ियल्लाहु अन्हुमा फ़रमाते हैं कि दुनिया में बदर के दिन उनकी गर्दनें काटी गईं जो दुनियावी सज़ा थी, और आख़िरत में जहन्नम की दायमी आग में झोंके जाएंगे जो उनके कुफ़्र और फ़साद का मुकम्मल और हक़ीक़ी बदला है।

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