कुरान - 41:29 सूरह फुस्सिलात अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

29
وَقَالَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ رَبَّنَآ أَرِنَا ٱلَّذَيۡنِ أَضَلَّانَا مِنَ ٱلۡجِنِّ وَٱلۡإِنسِ نَجۡعَلۡهُمَا تَحۡتَ أَقۡدَامِنَا لِيَكُونَا مِنَ ٱلۡأَسۡفَلِينَ

Transliteration: (Wa qaalal lazeena kafaroo Rabbanaaa arinal lazaini adal laanaa minal jinni wal insi naj'alhumaa tahta aqdaaminaa liyakoonaa minal asfaleen)

और काफ़िर लोग कहेंगे [75]: ऐ हमारे रब! हमें जिन्नों और इंसानों में से वे दोनों (सरदार) दिखा दे जिन्होंने हमें गुमराह किया था [76], ताकि हम उन्हें अपने पैरों तले रौंद डालें [77] ताकि वे सबसे निचले (ज़लील) लोगों में हो जाएं [78]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह फुस्सिलात आयत 29 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह फ़ुस्सिलत (हा-मीम अस-सजदा) तफ़सीर - आयत 29

और काफ़िर लोग कहेंगे [75]: ऐ हमारे रब! हमें जिन्नों और इंसानों में से वे दोनों (सरदार) दिखा दे जिन्होंने हमें गुमराह किया था [76], ताकि हम उन्हें अपने पैरों तले रौंद डालें [77] ताकि वे सबसे निचले (ज़लील) लोगों में हो जाएं [78]!

[75] दोज़ख़ में हसरत और ग़ुस्से की चीख़

जब काफ़िर जहन्नम में दाखिल कर दिए जाएंगे, तो वे इंतिहाई हसरत, पशेमानी और ग़ुस्से से बारगाह-ए-इलाही में फ़रियाद करेंगे कि जिन रहनुमाओं ने हमें दुनिया में बहकाया था, उन्हें हमारे सामने लाया जाए ताकि हम उनसे अपना बदला ले सकें।

[76] गुमराह करने वाले जिन्नात और इंसान

जिन्नात में से सबसे बड़ा मुज्रिम 'इब्लीस' है जिसने सबसे पहले कुफ़्र व तकब्बुर की बुनियाद रखी; और इंसानों में 'क़ाबील' है जिसने सबसे पहले ज़मीन पर नाहक़ क़त्ल और गुनाह का रास्ता खोला। साथ ही हर दौर के वे मुशरिक़ सरदार जिन्होंने अवाम को कुफ़्र पर क़ाइम रखा।

[77] अपने ही पेशवाओं को पैरों तले रौंदना

दोज़ख़ी अपने उन पेशवाओं और सरदारों को पैरों तले कुचलना चाहेंगे ताकि अपनी जिल्लत और अज़ाब का ग़ुस्सा उन पर निकाल सकें, मगर इससे उनके अपने अज़ाब में कोई कमी न होगी।

[78] ज़िल्लत के सबसे गहरे गड्ढे में धकेलना

वे चाहेंगे कि उनके गुमराह करने वाले सरदार जहन्नम के सबसे निचले तबक़े (असफ़लस्साफ़िलीन) में सज़ा भुगतें। इससे साबित होता है कि दीन में किसी गुमराह की पैरवी इंसान को आख़िरत में बदतरीन हसरत और रुसवाई में मुब्तिला कर देती है।

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