Transliteration: (Nuzulam min Ghafoorir Raheem (section 4))
मेहमानी के तौर पर [87], बड़े बख़à¥à¤¶à¤¨à¥‡ वाले, निहायत रहम फ़रमाने वाले की तरफ़ से।
'नà¥à¤œà¤¼à¥à¤²' उस मेहमानी और à¤à¤œà¤¼à¤¾à¤œà¤¼ को कहते हैं जो किसी मà¥à¤…ज़à¥à¤œà¤¼à¤œà¤¼ मेहमान के इसà¥à¤¤à¤¿à¤•़बाल में पेश की जाà¤à¥¤ जनà¥à¤¨à¤¤ में मोमिनों का दाख़िला सिरà¥à¤«à¤¼ उनके आमाल की उजरत नहीं बलà¥à¤•ि शहंशाहे कायनात की तरफ़ से शाही मेहमानी है।
यहां 'ग़फ़ूर' और 'रहीम' की सिफ़ात बयान फ़रमा कर जताया गया कि जनà¥à¤¨à¤¤ का मिलना अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला की मफ़़िरत और उसकी बेपायां रहमत व फ़ज़à¥à¤² से है, सिरà¥à¤«à¤¼ बंदे के आमाल इसके लिठकाफ़ी नहीं हो सकते।
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