Transliteration: (Wa man ahsanu qawlam mimman da'aaa ilal laahi wa 'amila saalihanw wa qaala innanee minal muslimeen)
और उस शख़à¥à¤¸ से बेहतर किसकी बात हो सकती है जिसने अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ की तरफ़ बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ [88] और नेक अमल किया [89] और कहा: बेशक मैं फ़रमांबरदारों (मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚) में से हूं [90]?
दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में सबसे बेहतरीन और मà¥à¤…ज़à¥à¤œà¤¼à¤œà¤¼ गà¥à¤«à¤¼à¥à¤¤à¤—ू उस शख़à¥à¤¸ की है जो बंदगान-à¤-ख़à¥à¤¦à¤¾ को अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला की तौहीद, इबादत और अताअत की तरफ़ बà¥à¤²à¤¾à¤¤à¤¾ है। इस मक़ाम के सबसे आला मिसà¥à¤¦à¤¾à¤•़ हà¥à¤œà¤¼à¥‚र सैयदे आलम सलà¥à¤²à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹à¥ अलैहि व सलà¥à¤²à¤® हैं, फिर अंबिया-à¤-किराम, और उनके बाद उलमा-à¤-हक़ और मà¥à¤…ज़à¥à¤œà¤¼à¤¿à¤¨ जो अज़ान के ज़रिठलोगों को नमाज़ की तरफ़ बà¥à¤²à¤¾à¤¤à¥‡ हैं।
सिरà¥à¤«à¤¼ ज़बानी दावत काफ़ी नहीं, बलà¥à¤•ि सचà¥à¤šà¤¾ दाई वह है जिसका अपना अमल à¤à¥€ नेक और पाकीज़ा हो। जो दूसरों को नेकी का हà¥à¤•à¥à¤® दे और ख़à¥à¤¦ à¤à¥€ उस पर अमल पैरा हो, उसकी बात दिलों में असर करती है।
यह कहना कि 'मैं मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में से हूं' आजीज़ी के साथ-साथ दीने इसà¥à¤²à¤¾à¤® पर फ़ख़à¥à¤° और साबित-क़दमी का इज़हार है कि इंसान हर हाल में अपनी इसà¥à¤²à¤¾à¤®à¥€ शनाख़à¥à¤¤ पर क़ाइम रहे और किसी बातिल ताक़त से मरऊब न हो।
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