Transliteration: (Wa min Aayaatiheee annaka taral arda khaashi'atan fa izaaa anzalna 'alaihal maaa'ah tazzat wa rabat; innal lazeee ahyaahaa lamuhiyil mawtaa; innahoo 'alaa kulli shai-in Qadeer)
और उसकी निशानियों में से यह है कि आप ज़मीन को सूखी, दबी हà¥à¤ˆ देखते हैं [104]; फिर जब हम उस पर पानी बरसाते हैं, तो वह लहलहा उठती है और उà¤à¤° आती है; बेशक जिसने उसे ज़िंदा किया, वही मà¥à¤°à¥à¤¦à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ ज़िंदा फ़रमाने वाला है; बेशक वह हर चीज़ पर क़ादिर है।
अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला ने दोबारा ज़िंदा किठजाने (हशà¥à¤° व नशà¥à¤°) की कितनी रौशन और मà¥à¤¶à¤¾à¤¹à¤¿à¤¦à¤¾à¤¤à¥€ दलील पेश फ़रमाई कि जिस तरह सूखी, बंजर और मà¥à¤°à¥à¤¦à¤¾ ज़मीन बारिश का पानी पाते ही हरी-à¤à¤°à¥€ होकर लहलहा उठती है और उसमें ज़िंदगी की लहर दौड़ जाती है, ठीक उसी तरह क़यामत के दिन अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ तआला ख़ाक में मिले हà¥à¤ इंसानी अजà¥à¤œà¤¼à¤¾ को दोबारा ज़िंदा फ़रमा कर क़बà¥à¤°à¥‹à¤‚ से उठा खड़ा करेगा।
साथ ही इसमें रूहानी हिकमत à¤à¥€ है कि जिस दिल पर वही-à¤-इलाही और सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤-à¤-रसूल की बारिश नहीं बरसती वह मà¥à¤°à¥à¤¦à¤¾ ज़मीन की तरह बेजान और बेफ़ैज़ रहता है।
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