Transliteration: (Innal Lazeena kafaroo biz Zikri lammaa jaa'ahum wa innahoo la Kitaabun 'Azeez)
बेशक जिन लोगों ने नसीहत (क़à¥à¤°à¤†à¤¨) का इनà¥à¤•ार किया जब वह उनके पास आई [110] [111] (वे तबाह होंगे); और बेशक यह यक़ीनन à¤à¤• इंतिहाई बा-इज़à¥à¤œà¤¼à¤¤ (ग़ालिब) किताब है [112];
'ज़िकà¥à¤°' से मà¥à¤°à¤¾à¤¦ क़à¥à¤°à¤†à¤¨ मजीद à¤à¥€ है और रसूलà¥à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹ सलà¥à¤²à¤²à¥à¤²à¤¾à¤¹à¥ अलैहि व सलà¥à¤²à¤® की ज़ात-à¤-बाबरकत à¤à¥€à¥¤ क़à¥à¤°à¤†à¤¨ का इनà¥à¤•ार या हà¥à¤œà¤¼à¥‚र ï·º की नबà¥à¤µà¥à¤µà¤¤ व सिफ़ात का इनà¥à¤•ार करने वाले हमेशा के घाटे और हलाकत में मà¥à¤¬à¥à¤¤à¤¿à¤²à¤¾ हैं।
जब कलाम-à¤-इलाही और नबी-à¤-रहमत दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में तशरीफ़ ले आठऔर हक़ पूरी तरह रौशन हो गया, तो अब किसी के पास इनà¥à¤•ार का कोई उज़à¥à¤° बाक़ी नहीं रहा।
क़à¥à¤°à¤†à¤¨ मजीद 'किताबà¥à¤¨ अज़ीज़' यानी इंतिहाई बा-इज़à¥à¤œà¤¼à¤¤, बेमिसाल और ग़ालिब किताब है। इसकी तिलावत, इसके अलà¥à¤«à¤¼à¤¾à¤œà¤¼, इसके नà¥à¤¸à¥à¤–़े और इसके हाफ़िज़ व आलिम सब अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ की बारगाह में बा-इज़à¥à¤œà¤¼à¤¤ और मà¥à¤…ज़à¥à¤œà¤¼à¤œà¤¼ हैं। दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की कोई ताक़त इस किताब को न मिटा सकती है और न इस पर ग़ालिब आ सकती है।
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