Transliteration: (Awalam yaseeroo fil ardi fa yanzuroo kaifa kaana 'aaqibatul lazeena kaanoo min qablihim; kaanoo hum ashadda minhum quwwatanw wa aasaaran fil ardi fa akhazahumul laahu bizunoobihim wa maa kaana lahum minal laahi minw waaq)
"कà¥à¤¯à¤¾ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ज़मीन में सैर नहीं की कि देखते कि उनसे पहले वालों का अंजाम कैसा हà¥à¤† [54]? वे ताक़त में और ज़मीन में छोड़ी हà¥à¤ˆ निशानियों (इमारतों) में इनसे कहीं ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ थे [55]; फिर à¤à¥€ अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ ने उनके गà¥à¤¨à¤¾à¤¹à¥‹à¤‚ के सबब उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पकड़ लिया, और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ (के अज़ाब) से बचाने वाला कोई न था [56] ।"
तारीख़ी मक़ामात और पिछली हलाकशà¥à¤¦à¤¾ क़ौमों के खंडर देखकर इबरत हासिल करना मतलूब है।
आद और समूद जैसी क़ौमों ने पहाड़ों को तराश कर महल बनाठथे और जिसà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥€ à¤à¤¤à¤¬à¤¾à¤° से à¤à¥€ क़à¥à¤°à¥ˆà¤¶ से बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ताक़तवर थे।
जब अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ का क़हर आया तो न उनकी ताक़त काम आई और न उनके मज़बूत क़िले उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बचा सके।
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