कुरान - 40:20 सूरह ग़ाफ़िर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

20
وَٱللَّهُ يَقۡضِي بِٱلۡحَقِّۖ وَٱلَّذِينَ يَدۡعُونَ مِن دُونِهِۦ لَا يَقۡضُونَ بِشَيۡءٍۗ إِنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡبَصِيرُ

Transliteration: (Wallaahu yaqdee bilhaqq, wallazeena yad'oona min doonihee laa yaqdoona bishai'; innal laaha Huwas Samee'ul Baseer (section 2))

और अल्लाह हक़ के साथ फ़ैसला फ़रमाता है [51], और जिन्हें वे उसके सिवा पूजते हैं वे किसी चीज़ का फ़ैसला नहीं कर सकते [52]; बेशक अल्लाह ही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ देखने वाला है [53] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ग़ाफ़िर आयत 20 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ग़ाफ़िर (अल-मोमिन) तफ़सीर - आयत 20

"और अल्लाह हक़ के साथ फ़ैसला फ़रमाता है [51], और जिन्हें वे उसके सिवा पूजते हैं वे किसी चीज़ का फ़ैसला नहीं कर सकते [52]; बेशक अल्लाह ही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ देखने वाला है [53] ।"

[51] हक़ व इंसाफ़ पर मब्नी फ़ैसला

अल्लाह तआला का हर फ़ैसला अदल, हक़ और हिकमत पर मब्नी है।

[52] झूठे माबूदों की मुकम्मल बेबसी

मुशरिकों के बुत न किसी चीज़ के मालिक हैं और न किसी फ़ैसले का इख़्तियार रखते हैं।

[53] समीअ व बसीर

अल्लाह हर फ़रियाद को सुनने वाला और हर अमल को देखने वाला है।

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