कुरान - 40:29 सूरह ग़ाफ़िर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

29
يَٰقَوۡمِ لَكُمُ ٱلۡمُلۡكُ ٱلۡيَوۡمَ ظَٰهِرِينَ فِي ٱلۡأَرۡضِ فَمَن يَنصُرُنَا مِنۢ بَأۡسِ ٱللَّهِ إِن جَآءَنَاۚ قَالَ فِرۡعَوۡنُ مَآ أُرِيكُمۡ إِلَّا مَآ أَرَىٰ وَمَآ أَهۡدِيكُمۡ إِلَّا سَبِيلَ ٱلرَّشَادِ

Transliteration: (Yaa qawmi lakumul mulkul yawma zaahireena fil ardi famai yansurunaa mim baasil laahi in jaaa'anaa; qaala Fir'awnu maaa ureekum illaa maaa araa wa maaa ahdeekum illaa sabeelar Rashaad)

'ऐ मेरी क़ौम! आज मुल्क में तुम्हारी बादशाही है [76], तुम्हारा ग़लबा है; लेकिन अगर हम पर अल्लाह का अज़ाब आ जाए तो कौन हमारी मदद करेगा [77]?' फ़िरऔन ने कहा: 'मैं तो तुम्हें वही राय देता हूँ जो मैं खुद देखता हूँ, और मैं तुम्हें सिर्फ़ भलाई का रास्ता दिखाता हूँ [78] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ग़ाफ़िर आयत 29 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ग़ाफ़िर (अल-मोमिन) तफ़सीर - आयत 29

"'ऐ मेरी क़ौम! आज मुल्क में तुम्हारी बादशाही है [76], तुम्हारा ग़लबा है; लेकिन अगर हम पर अल्लाह का अज़ाब आ जाए तो कौन हमारी मदद करेगा [77]?' फ़िरऔन ने कहा: 'मैं तो तुम्हें वही राय देता हूँ जो मैं खुद देखता हूँ, और मैं तुम्हें सिर्फ़ भलाई का रास्ता दिखाता हूँ [78] ।'"

[76] दुनियावी इक़्तिदार की बे-सबाती

मोमिन मर्द ने अपनी क़ौम को नसीहत की कि आज मिस्र की हुकूमत तुम्हारे हाथ में है, मगर यह दुनियावी ताक़त चन्द रोज़ा है।

[77] अज़ाब-ए-इलाही के मुक़ाबले में बेबसी

अगर हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम की मुख़ालफ़त के सबब अल्लाह का अज़ाब आ गया, तो तुम्हारी कोई फ़ौज या ताक़त तुम्हें नहीं बचा सकेगी।

[78] फ़िरऔन का मुतकब्बिराना और फ़रेब-देह जवाब

फ़िरऔन ने अपनी झूठी अना और तकब्बुर में कहा कि मेरी राय ही सबसे सही है और मैं ही तुम्हें सीधा रास्ता दिखा रहा हूँ। यह सरकश हुक्मरानों की पुरानी आदत है कि वे अपनी जिहालत को दानिशमंदी साबित करने की कोशिश करते हैं।

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