कुरान - 40:47 सूरह ग़ाफ़िर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

47
وَإِذۡ يَتَحَآجُّونَ فِي ٱلنَّارِ فَيَقُولُ ٱلضُّعَفَـٰٓؤُاْ لِلَّذِينَ ٱسۡتَكۡبَرُوٓاْ إِنَّا كُنَّا لَكُمۡ تَبَعٗا فَهَلۡ أَنتُم مُّغۡنُونَ عَنَّا نَصِيبٗا مِّنَ ٱلنَّارِ

Transliteration: (Wa iz yatahaaajjoona fin Naari fa-yaqoolud du'afaaa'u lillazeenas takbarooo innaa kunnaa lakum taba'an fahal antum mughnoona annaa naseebam minan Naar)

और जब वे आग में आपस में झगड़ेंगे [125], तो कमज़ोर लोग उन मुतकब्बिरों (बड़ों) से कहेंगे: 'हम तो तुम्हारे ताबेदार थे [126], तो क्या तुम हम पर से आग का कुछ हिस्सा हटा सकते हो?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ग़ाफ़िर आयत 47 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ग़ाफ़िर (अल-मोमिन) तफ़सीर - आयत 47

"और जब वे आग में आपस में झगड़ेंगे [125], तो कमज़ोर लोग उन मुतकब्बिरों (बड़ों) से कहेंगे: 'हम तो तुम्हारे ताबेदार थे [126], तो क्या तुम हम पर से आग का कुछ हिस्सा हटा सकते हो?'"

[125] दोज़ख़ियों का बाहमी झगड़ा

जहन्नम में काफ़िर पैरोकार और उनके मुतकब्बिर सरदार आपस में एक-दूसरे को लानत-मलामत करेंगे।

[126] झूठे सरदारों से अज़ाब टालने की भीख

आवाम अपने सरदारों से कहेंगे कि दुनिया में तुम्हारे कहने पर हमने अंबिया को झुठलाया था, आज हमारे अज़ाब का कुछ हिस्सा ही अपने सर ले लो!

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