कुरान - 40:45 सूरह ग़ाफ़िर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

45
فَوَقَىٰهُ ٱللَّهُ سَيِّـَٔاتِ مَا مَكَرُواْۖ وَحَاقَ بِـَٔالِ فِرۡعَوۡنَ سُوٓءُ ٱلۡعَذَابِ

Transliteration: (Fa waqaahul laahu saiyiaati maa makaroo wa haaqa bi Aali-Fir'awna sooo'ul 'azaab)

तो अल्लाह ने उन्हें उन बुराइयों से बचा लिया जो उन्होंने मक्र (साज़िश) की थीं [119] [120], और फ़िरऔनियों को बुरे अज़ाब ने घेर लिया [121] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ग़ाफ़िर आयत 45 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ग़ाफ़िर (अल-मोमिन) तफ़सीर - आयत 45

"तो अल्लाह ने उन्हें उन बुराइयों से बचा लिया जो उन्होंने मक्र (साज़िश) की थीं [119] [120], और फ़िरऔनियों को बुरे अज़ाब ने घेर लिया [121] ।"

[119] मोमिन-ए-आल-ए-फ़िरऔन की नजात

अल्लाह तआला ने अपने इस नेक बंदे को फ़िरऔन की तमाम ख़ूनी साज़िशों से महफ़ूज़ फ़रमा लिया।

[120] ग़ैबी मदद और हिफ़ाज़त

रिवायत में है कि जब फ़िरऔन के सिपाही उन्हें पकड़ने पहाड़ के ग़ार तक पहुँचे, तो अल्लाह ने दरिंदों को उनकी हिफ़ाज़त पर मामूर फ़रमा दिया और सिपाही नाकाम होकर भाग गए।

[121] फ़िरऔनियों की हलाकत

दूसरी तरफ़ फ़िरऔन और उसका लश्कर दरिया-ए-नील में ग़र्क़ कर दिया गया और बुरे अज़ाब ने उन्हें चारों तरफ़ से घेर लिया।

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