कुरान - 40:49 सूरह ग़ाफ़िर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

49
وَقَالَ ٱلَّذِينَ فِي ٱلنَّارِ لِخَزَنَةِ جَهَنَّمَ ٱدۡعُواْ رَبَّكُمۡ يُخَفِّفۡ عَنَّا يَوۡمٗا مِّنَ ٱلۡعَذَابِ

Transliteration: (Wa qaalal lazeena fin Naari likhazanati Jahannamad-'oo Rabbakum yukhaffif 'annaa yawmam minal 'azaab)

और जो लोग आग में होंगे वे जहन्नम के दारोग़ाओं से कहेंगे: 'अपने रब से दुआ करो कि हम पर से अज़ाब में एक दिन की कमी कर दे [129] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ग़ाफ़िर आयत 49 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ग़ाफ़िर (अल-मोमिन) तफ़सीर - आयत 49

"और जो लोग आग में होंगे वे जहन्नम के दारोग़ाओं से कहेंगे: 'अपने रब से दुआ करो कि हम पर से अज़ाब में एक दिन की कमी कर दे [129] ।'"

[129] दारोग़ा-ए-जहन्नम से सिफ़ारिश की दरख़्वास्त

दोज़ख़ी बेबस होकर हज़रत मालिक अलैहिस्सलाम और फ़रिश्तों से इल्तिजा करेंगे कि कम से कम एक दिन का अज़ाब ही हल्का करवा दो। दुनिया में जो लोग शफ़ाअत और वसीले का इनकार करते थे, दोज़ख़ में वे फ़रिश्तों के वसीले तलाश करेंगे मगर वहाँ कोई सिफ़ारिश काम न आएगी।

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