Transliteration: (Wa qaalal lazeena fin Naari likhazanati Jahannamad-'oo Rabbakum yukhaffif 'annaa yawmam minal 'azaab)
"और जो लोग आग में होंगे वे जहनà¥à¤¨à¤® के दारोग़ाओं से कहेंगे: 'अपने रब से दà¥à¤† करो कि हम पर से अज़ाब में à¤à¤• दिन की कमी कर दे [129] ।'"
दोज़ख़ी बेबस होकर हज़रत मालिक अलैहिसà¥à¤¸à¤²à¤¾à¤® और फ़रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से इलà¥à¤¤à¤¿à¤œà¤¾ करेंगे कि कम से कम à¤à¤• दिन का अज़ाब ही हलà¥à¤•ा करवा दो। दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में जो लोग शफ़ाअत और वसीले का इनकार करते थे, दोज़ख़ में वे फ़रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के वसीले तलाश करेंगे मगर वहाठकोई सिफ़ारिश काम न आà¤à¤—ी।
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