Transliteration: (Huwal lazee khalaqakum min turaabin summa min nutfatin summa min 'alaqatin summa yukhrijukum tiflan summa litablughooo ashuddakum summa litakoonoo shuyookhaa; wa minkum mai yutawaffaa min qablu wa litablughooo ajalam musam manw-wa la'allakum ta'qiloon)
"वही है जिसने तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ मिटà¥à¤Ÿà¥€ से पैदा किया, फिर नà¥à¤¤à¥à¤«à¤¼à¥‡ (बूà¤à¤¦) से [172], फिर ख़ून के लोथड़े से [173], फिर तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ की सूरत में निकालता है [174], फिर तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाक़ी रखता है ताकि तà¥à¤® अपनी पूरी जवानी को पहà¥à¤à¤šà¥‹ [175], फिर ताकि तà¥à¤® बूढ़े हो जाओ [176], और तà¥à¤® में से कोई पहले ही वफ़ात पा जाता है [177], और ताकि तà¥à¤® मà¥à¤•़रà¥à¤°à¤° मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¤ तक पहà¥à¤à¤š जाओ [178] और ताकि तà¥à¤® अक़à¥à¤² से काम लो [179] ।"
इंसान की असल हज़रत आदम अलैहिसà¥à¤¸à¤²à¤¾à¤® की तख़लीक़ मिटà¥à¤Ÿà¥€ से हà¥à¤ˆ, और फिर नसल-à¤-इंसानी नà¥à¤¤à¥à¤«à¤¼à¥‡ के ज़रिये परवान चढ़ी।
रहम-à¤-मादर में नà¥à¤¤à¥à¤«à¤¼à¤¾ जमकर ख़ून का लोथड़ा बनता है, फिर गोशà¥à¤¤ की बोटी और फिर हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤ और आज़ा बनते हैं।
बचà¥à¤šà¤¾ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में निहायत बेबस और कमज़ोर पैदा होता है जिसे हर लमà¥à¤¹à¤¾ मां-बाप और अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ की रहमत की ज़रूरत होती है।
फिर वह जवानी और कमाल-à¤-क़à¥à¤µà¥à¤µà¤¤ को पहà¥à¤à¤šà¤¤à¤¾ है जहाठअक़à¥à¤² व ताक़त उरूज पर होती है।
फिर क़à¥à¤µà¥à¤µà¤¤ ढलने लगती है और बà¥à¤¢à¤¼à¤¾à¤ªà¤¾ आ घेरता है।
हर शख़à¥à¤¸ बà¥à¤¢à¤¼à¤¾à¤ªà¥‡ तक नहीं पहà¥à¤à¤šà¤¤à¤¾, बहà¥à¤¤ से बचपन या जवानी ही में वफ़ात पा जाते हैं।
हर जान के लिठअलà¥à¤²à¤¾à¤¹ के यहाठà¤à¤• मà¥à¤•़रà¥à¤°à¤° वक़à¥à¤¤ लिखा हà¥à¤† है जिससे à¤à¤• लमà¥à¤¹à¤¾ आगे-पीछे नहीं हो सकता।
तख़लीक़ के इन तमाम मराहिल पर ग़ौर करने वाला कà¤à¥€ अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ की वहदानियत और दोबारा जी उठने का इनकार नहीं कर सकता।
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