कुरान - 40:79 सूरह ग़ाफ़िर अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

79
ٱللَّهُ ٱلَّذِي جَعَلَ لَكُمُ ٱلۡأَنۡعَٰمَ لِتَرۡكَبُواْ مِنۡهَا وَمِنۡهَا تَأۡكُلُونَ

Transliteration: (Allaahul lazee ja'ala lakumul an'aama litarkaboo minhaa wa minhaa taakuloon)

अल्लाह वह है जिसने तुम्हारे लिए चौपाए बनाए ताकि तुम उनमें से बा'ज़ पर सवारी करो और बा'ज़ का गोश्त खाओ [200] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ग़ाफ़िर आयत 79 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ग़ाफ़िर (अल-मोमिन) तफ़सीर - आयत 79

"अल्लाह वह है जिसने तुम्हारे लिए चौपाए बनाए ताकि तुम उनमें से बा'ज़ पर सवारी करो और बा'ज़ का गोश्त खाओ [200] ।"

[200] मवेशियों की नेमत और तफ़रीक़

अल्लाह तआला ने अपनी हिकमत से चौपाइयों की तक़सीम फ़रमाई: कुछ सवारी और बोझ उठाने के लिए (जैसे घोड़ा, ख़च्चर), कुछ सिर्फ़ गोश्त और ग़िज़ा के लिए (जैसे बकरी, दुम्बा), और कुछ दोनों मक़ासिद के लिए (जैसे ऊंट और गाय)। यह सब इंसानों की राहत के लिए मुसख़्खर किए गए हैं।

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