कुरान - 11:104 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

104
وَمَا نُؤَخِّرُهُۥٓ إِلَّا لِأَجَلٖ مَّعۡدُودٖ

Transliteration: (Wa maa nu'akhkhiruhooo illaa li ajalim ma'dood)

और हम उसे सिर्फ़ एक गिनी हुई मुद्दत (मुक़र्ररा वक़्त) के लिए ही टाल रहे हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 104 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 104 की तफ़्सीर

✅ क़ियामत का मुक़र्ररा वक़्त

क़ियामत के आने में जो देर है, वह सिर्फ़ अल्लाह की हिकमत और तयशुदा मियाद की वजह से है; जब वह मुक़र्रर मुद्दत पूरी होगी तो एक लम्हे की भी ताख़ीर नहीं होगी।

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