कुरान - 11:106 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

106
فَأَمَّا ٱلَّذِينَ شَقُواْ فَفِي ٱلنَّارِ لَهُمۡ فِيهَا زَفِيرٞ وَشَهِيقٌ

Transliteration: (Fa ammal lazeena shaqoo fafin Naari lahum feehaa zafeerunw wa shaheeq)

पस जो बदबख़्त हुए, वे आग (दोज़ख़) में होंगे, जहाँ उनका चीख़ना और चिल्लाना (गधे की तरह रेंकना और हांफना) होगा [209]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 106 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 106 की तफ़्सीर

✅ [209] दोज़ख़ियों का दर्दनाक अंजाम

'ज़फ़ीर' और 'शहीक़' शदीद दर्द व घुटन की वजह से निकलने वाली चीख़ व पुकार और आहें हैं, जैसे गधा सांस खींचते और छोड़ते वक़्त भयानक आवाज़ निकालता है।

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