कुरान - 11:108 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

108
۞وَأَمَّا ٱلَّذِينَ سُعِدُواْ فَفِي ٱلۡجَنَّةِ خَٰلِدِينَ فِيهَا مَا دَامَتِ ٱلسَّمَٰوَٰتُ وَٱلۡأَرۡضُ إِلَّا مَا شَآءَ رَبُّكَۖ عَطَآءً غَيۡرَ مَجۡذُوذٖ

Transliteration: (Wa ammal lazeena su'idoo fafil Jannati khaalideena feehaa maa daamatis samaawaatu wal ardu illaa maa shaaa'a Rabbuk; ataaa'an ghaira majzooz)

और जो नेकबख़्त किए गए [211], वे जन्नत में होंगे; हमेशा उसमें रहेंगे जब तक कि आसमान और ज़मीन बाक़ी रहें, सिवाय इसके जो आपका रब चाहे। यह ऐसी अता है जो कभी ख़त्म न होगी [212]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 108 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 108 की तफ़्सीर

✅ [211] अहले जन्नत की नेअमतें

मोमिनीन जन्नत में हमेशा की राहत, इज़्ज़त और दीदार-ए-इलाही की लज़्ज़तों में रहेंगे।

✅ [212] कभी न टूटने वाली अता (अता-अन ग़ैरा मजज़ूज़)

जन्नत की नेअमतें अबदी हैं, न कभी छीनी जाएंगी और न कभी ख़त्म होंगी।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now