कुरान - 11:111 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

111
وَإِنَّ كُلّٗا لَّمَّا لَيُوَفِّيَنَّهُمۡ رَبُّكَ أَعۡمَٰلَهُمۡۚ إِنَّهُۥ بِمَا يَعۡمَلُونَ خَبِيرٞ

Transliteration: (Wa inna kullal lammaa la yuwaffiyannahum Rabbuka a'maalahum; innahoo bimaa ya'maloona Khabeer)

और बेशक आपका रब उन सब को उनके आमाल का पूरा-पूरा बदला देगा [217]। बेशक वह उनके तमाम कामों से ख़ूब बाख़बर है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 111 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 111 की तफ़्सीर

✅ [217] आमाल का कामिल बदला

अल्लाह तआला हर इंसान के हर अमल को जानता है और इंसाफ़ के साथ नेकी का अज्र और बदी की सज़ा मुकम्मल तौर पर अता फ़रमाएगा।

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