कुरान - 11:15 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

15
مَن كَانَ يُرِيدُ ٱلۡحَيَوٰةَ ٱلدُّنۡيَا وَزِينَتَهَا نُوَفِّ إِلَيۡهِمۡ أَعۡمَٰلَهُمۡ فِيهَا وَهُمۡ فِيهَا لَا يُبۡخَسُونَ

Transliteration: (Man kaana yureedul hayaatad dunyaa wa zeenatahaa nuwaffi ilaihim a'maa lahum feehaa wa hum feehaa laa yubkhasoon)

जो शख़्स दुनिया की ज़िंदगी और उसकी ज़ीनत चाहता हो, हम उन्हें दुनिया में उनके आमाल का पूरा-पूरा बदला दे देते हैं [35] और इसमें उनका कोई हक़ नहीं मारा जाता। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 15 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 15 की तफ़्सीर

✅ [35] दुनियावी आमाल का दुनियावी बदला

जो लोग आख़िरत पर ईमान नहीं रखते और सिर्फ़ दुनियावी चमक-दमक के लिए अच्छे काम करते हैं, अल्लाह उनके आमाल का सिला इसी दुनिया में सेहत, दौलत और शोहरत की शक्ल में पूरा दे देता है।

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