कुरान - 11:19 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

19
ٱلَّذِينَ يَصُدُّونَ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ وَيَبۡغُونَهَا عِوَجٗا وَهُم بِٱلۡأٓخِرَةِ هُمۡ كَٰفِرُونَ

Transliteration: (Allazeena yasuddoona 'an sabeelil laahi wa yabghoonahaa 'iwajanw wa hum bil Aakhiratihum kaafiroon)

जो अल्लाह की राह से रोकते हैं [45], और उसमें कजी (टेढ़) तलाश करते हैं, और वे आख़िरत का इनकार करने वाले हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 19 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 19 की तफ़्सीर

✅ [45] अल्लाह की राह से रोकना और टेढ़ तलाशना

ज़ालिमों की ख़ासियत यह है कि वे न सिर्फ़ ख़ुद हक़ से दूर भागते हैं बल्कि दूसरों को भी इस्लाम की सीधी राह से भटकाते हैं और दीने हक़ में ऐब निकालने की कोशिश करते हैं।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now