कुरान - 11:22 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

22
لَا جَرَمَ أَنَّهُمۡ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ هُمُ ٱلۡأَخۡسَرُونَ

Transliteration: (Laa jarama annahum fil Aakhirati humul akhsaroon)

यक़ीनन यही लोग आख़िरत में सबसे बड़े ख़सारे (नुक़सान) में रहेंगे [52]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 22 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 22 की तफ़्सीर

✅ [52] मुनकिरीन के लिए सबसे बड़ा ख़सारा

यह आयत वाज़ेह करती है कि अगरचे गुनाहगार मुसलमान भी क़ियामत में तकलीफ़ उठाएंगे, मगर उनका नुक़सान काफ़िरों जैसा नहीं है। काफ़िरों का नुक़सान हमेशा के लिए है जिसमें कोई निजात या रहमत नहीं होगी, जबकि गुनाहगार मोमिन बिल-आख़िर अल्लाह की रहमत और शफ़ाअत से अज़ाब से रिहाई पाएंगे। इसलिए सबसे बड़ा घाटा कुफ़्र करने वालों ही का है।

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