कुरान - 11:23 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

23
إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّـٰلِحَٰتِ وَأَخۡبَتُوٓاْ إِلَىٰ رَبِّهِمۡ أُوْلَـٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلۡجَنَّةِۖ هُمۡ فِيهَا خَٰلِدُونَ

Transliteration: (Innal lazeena aamanoo wa 'amilus saalihaati wa akhbatooo ilaa Rabbihim ulaaa'ika Ashaabul Jannati hum feehaa khaalidoon)

बेशक जो लोग ईमान लाए और उन्होंने नेक आमाल किए और अपने रब के हुज़ूर आजिज़ हुए, वही जन्नत वाले हैं [53], वे उसमें हमेशा रहेंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 23 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 23 की तफ़्सीर

✅ [53] अहले जन्नत की अज़ीम सिफ़ात

आयत में जन्नत वालों की तीन बुनियादी सिफ़ात बयान की गई हैं: सच्चा ईमान, नेक आमाल (आमाले सालेहा), और अल्लाह के हुज़ूर आजिज़ व ख़ाकसारी इख़्तियार करना। ये ही ख़ूबियां उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस की दायमी नेअमतों का हक़दार बनाती हैं जहां वे हमेशा बहारों में रहेंगे।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now