कुरान - 11:33 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

33
قَالَ إِنَّمَا يَأۡتِيكُم بِهِ ٱللَّهُ إِن شَآءَ وَمَآ أَنتُم بِمُعۡجِزِينَ

Transliteration: (Qaala innamaa yaateekum bihil laahu in shaaa'a wa maaa antum bimu'jizeen)

नूह ने कहा, 'वह तो तुम्हारे पास अल्लाह ही लाएगा अगर वह चाहेगा [74], और तुम उसे आजिज़ करने (हराने) वाले नहीं हो।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 33 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 33 की तफ़्सीर

✅ [74] अज़ाब अल्लाह की मर्जी के ताबे है

अज़ाब नाज़िल करना नबी के इख़्तियार में नहीं बल्कि अल्लाह की हिकमत और इरादे के ताबे है। जब अल्लाह का फ़रमान आ जाएगा तो कोई काफ़िर उसकी पकड़ से बचकर भाग नहीं सकेगा।

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