कुरान - 11:32 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

32
قَالُواْ يَٰنُوحُ قَدۡ جَٰدَلۡتَنَا فَأَكۡثَرۡتَ جِدَٰلَنَا فَأۡتِنَا بِمَا تَعِدُنَآ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّـٰدِقِينَ

Transliteration: (Qaaloo yaa Noohu qad jaadaltanaa fa aksarta jidaalanaa faatinaa bimaa ta'idunaaa in kunta minas saadiqeen)

वे बोले, 'ऐ नूह! तुमने हमसे झगड़ा किया [73] और बहुत झगड़ा कर लिया। अब तो जिस (अज़ाब) का तुम हमसे वादा करते हो उसे हम पर ले आओ, अगर तुम सच्चे हो।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 32 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 32 की तफ़्सीर

✅ [73] मुनकिरीन की बहसबाज़ी और हठधर्मी

जब काफ़िर नूह (अलै.) की रौशन दलीलों का कोई जवाब न दे सके, तो चिढ़कर कहने लगे कि बहुत बहस हो चुकी, अब अगर सच्चे हो तो वह अज़ाब ला दिखाओ जिससे तुम डराते हो। यह उनकी बदबख़्ती की इंतिहा थी।

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