कुरान - 11:39 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

39
فَسَوۡفَ تَعۡلَمُونَ مَن يَأۡتِيهِ عَذَابٞ يُخۡزِيهِ وَيَحِلُّ عَلَيۡهِ عَذَابٞ مُّقِيمٌ

Transliteration: (Fasawfa ta'lamoona mai ya'teehi 'azaabuny yukhzeehi wa yahillu 'alaihi 'azaabun muqeem)

'तो अनक़रीब तुम जान लोगे कि किस पर वह अज़ाब आता है जो उसे रुसवा कर देगा, और किस पर हमेशा रहने वाला अज़ाब उतरता है।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 39 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 39 की तफ़्सीर

✅ [39] रुसवाकुन और दायमी अज़ाब

यह आयत मुनकिरीन को दोहरे अज़ाब की चेतावनी देती है: दुनिया में डूबने का ज़िल्लत-आमेज़ अज़ाब और आख़िरत में जहन्नम की आग का कभी न ख़त्म होने वाला अज़ाब।

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