कुरान - 11:38 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

38
وَيَصۡنَعُ ٱلۡفُلۡكَ وَكُلَّمَا مَرَّ عَلَيۡهِ مَلَأٞ مِّن قَوۡمِهِۦ سَخِرُواْ مِنۡهُۚ قَالَ إِن تَسۡخَرُواْ مِنَّا فَإِنَّا نَسۡخَرُ مِنكُمۡ كَمَا تَسۡخَرُونَ

Transliteration: (Wa yasna'ul fulka wa kullamaa marra 'alaihi mala'um min qawmihee sakhiroo minh; qaala in taskharoo minnaa fa innaa naskharu minkum kamaa taskharoon)

और नूह किश्ती बनाने लगे, और जब कभी उनकी क़ौम के सरदार उनके पास से गुज़रते तो उनका मज़ाक़ उड़ाते [83]। नूह ने कहा, 'अगर तुम हम पर हंसते हो, तो हम भी तुम पर उसी तरह हंसेंगे जैसे तुम हंसते हो [84]।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 38 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 38 की तफ़्सीर

✅ [83] ख़ुश्क ज़मीन पर किश्ती का मज़ाक़

काफ़िर सरदार जब देखते कि दूर-दूर तक न कोई नदी है न समंदर, और नूह (अलै.) सूखी ज़मीन पर किश्ती बना रहे हैं, तो नासमझी में ठट्ठे मारते कि अब नबी से बढ़ई बन गए।

✅ [84] अंजामे बद पर हक़ीक़ी हंसी

नूह (अलै.) ने जवाब दिया कि आज तुम अपनी जिहालत से हम पर हंस रहे हो, मगर कल जब तूफ़ान का पानी तुम्हें डुबोएगा और हम किश्ती में सलामत होंगे, तो हम तुम्हारी बेबसी पर हंसेंगे।

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