कुरान - 11:48 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

48
قِيلَ يَٰنُوحُ ٱهۡبِطۡ بِسَلَٰمٖ مِّنَّا وَبَرَكَٰتٍ عَلَيۡكَ وَعَلَىٰٓ أُمَمٖ مِّمَّن مَّعَكَۚ وَأُمَمٞ سَنُمَتِّعُهُمۡ ثُمَّ يَمَسُّهُم مِّنَّا عَذَابٌ أَلِيمٞ

Transliteration: (Qeela yaa Noohuh bit bisalaamim minnaa wa barakaatin 'alaika wa 'alaaa umamim mimmam ma'ak; wa umamun sanumatti'uhum summa yamassuhum minna 'azaabun aleem)

हुक्म हुआ, 'ऐ नूह! उतर जाओ हमारी तरफ़ से सलामती और बरकतों के साथ जो तुम पर हैं और उन गिरोहों पर जो तुम्हारे साथ हैं [102]। और कुछ गिरोह ऐसे भी होंगे जिन्हें हम (दुनिया में) फ़ायदा उठाने देंगे [103], फिर उन्हें हमारी तरफ़ से दर्दनाक अज़ाब पहुंचेगा' [104]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 48 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 48 की तफ़्सीर

✅ [102] सलामती और बरकतें

किश्ती से उतरने पर अल्लाह ने नूह (अलै.) और उनके साथ मौजूद मोमिनों को दायमी सलामती और नस्लों में बरकत की बशारत दी। इन्हीं मोमिनों से आगे चलकर अम्बिया और नेक लोग पैदा हुए।

✅ [103] दुनियावी मुहलत

नूह (अलै.) की नस्ल में से जो लोग आगे चलकर काफ़िर और मुशरिक बनेंगे, उन्हें अल्लाह दुनिया में कुछ मुद्दत तक ऐशो-आराम देगा।

✅ [104] मुनकिरीन का दर्दनाक अंजाम

लेकिन यह दुनियावी ऐश आरज़ी होगा, और आख़िरत में उन पर जहन्नम का दर्दनाक अज़ाब मुसल्लत होगा।

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