Transliteration: (Wa ilaa Samooda akhaahum Saalihaa; qaala yaa qawmi' budul laaha maa lakum min ilaahim ghairuhoo Huwa ansha akum minal ardi wasta' marakum feehaa fastaghfiroohu summa toobooo ilaih; inna Rabbee Qareebum Mujeeb)
'भाई' से मुराद नसब और क़ौमी रिश्ता है कि हज़रत सालेह (अलै.) उसी क़बीले से थे ताकि वे उनके किरदार से बाख़बर हों।
इंसान की असल मिट्टी है क्योंकि आदम (अलै.) मिट्टी से बनाए गए और इंसान की ग़िज़ा भी ज़मीन ही से निकलती है।
अल्लाह ने तुम्हें ज़मीन पर ज़िंदगानी, मकान बनाने और बस्तियां बसाने की सलाहियत बख़्शी।
गुज़रे हुए गुनाहों पर शर्मिंदा होकर माफ़ी मांगना और आइंदा के लिए नेक राह इख़्तियार करना ही निजात का रास्ता है।
अल्लाह तआला अपने बंदों के बेहद क़रीब है और सच्चे दिल से की गई हर दुआ को क़बूल फ़रमाता है।
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