कुरान - 11:65 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

65
فَعَقَرُوهَا فَقَالَ تَمَتَّعُواْ فِي دَارِكُمۡ ثَلَٰثَةَ أَيَّامٖۖ ذَٰلِكَ وَعۡدٌ غَيۡرُ مَكۡذُوبٖ

Transliteration: (Fa 'aqaroohaa faqaala tamatta'oo fee daarikum salaasata aiyaamin zaalika wa'dun ghairu makzoob)

फिर उन्होंने उसकी कूचें काट डालीं (उसे क़त्ल कर दिया) [138]। तो सालेह ने कहा, 'तुम अपने घरों में तीन दिन और फ़ायदा उठा लो [139]। यह ऐसा वादा है जो झूठा न होगा।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 65 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 65 की तफ़्सीर

✅ [138] ऊंटनी का क़त्ल: सरकशी की इंतिहा

क़ौमे समूद के बदबख़्त क़ुदार बिन सालिफ़ और उसके साथियों ने ऊंटनी को क़त्ल कर दिया, और पूरी क़ौम इस जुर्म में शरीक व रज़ामंद थी।

✅ [139] तीन दिन की मुहलत

हज़रत सालेह (अलै.) ने फ़रमाया कि अब सिर्फ़ तीन दिन की मुहलत है: पहले दिन चेहरे पीले होंगे, दूसरे दिन सुर्ख़, और तीसरे दिन काले पड़ जाएंगे; फिर चौथे दिन अज़ाब नाज़िल होगा जो अटल है।

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