कुरान - 11:67 सूरह हूद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

67
وَأَخَذَ ٱلَّذِينَ ظَلَمُواْ ٱلصَّيۡحَةُ فَأَصۡبَحُواْ فِي دِيَٰرِهِمۡ جَٰثِمِينَ

Transliteration: (Wa akhazal lazeena zalamus saihatu fa asbahoo fee diyaarihim jaasimeena)

और ज़ालिमों को एक भयानक चीख़ ने आ पकड़ा [141], तो वे सुबह के वक़्त अपने घरों में औंधे पड़े रह गए। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह हूद आयत 67 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा हूद – आयत 67 की तफ़्सीर

✅ [141] ख़ौफ़नाक चीख़ (सयहा) का अज़ाब

हज़रत जिब्रील (अलै.) ने आसमान से ऐसी शदीद और भयानक चीख़ मारी जिससे उनके कलेजे फट गए और वे अपने घरों में घुटनों के बल ढेर होकर मर गए।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now