कुरान - 14:30 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

30
وَجَعَلُواْ لِلَّهِ أَندَادٗا لِّيُضِلُّواْ عَن سَبِيلِهِۦۗ قُلۡ تَمَتَّعُواْ فَإِنَّ مَصِيرَكُمۡ إِلَى ٱلنَّارِ

Transliteration: (Wa ja'aloo lillaahi andaadal liyudilloo 'an sabeelih; qul tamatta'oo fa innaa maseerakum ilan Naar)

और उन्होंने अल्लाह के कुछ समकक्ष (साझीदार) बना लिए ताकि वे (लोगों को) उसके मार्ग से भटका दें। कह दीजिए, "थोड़ा लाभ उठा लो, अंततः तुम्हारा लौटना आग (जहन्नम) ही की ओर है।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 30 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 30 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] झूठे माबूदों द्वारा लोगों को भटकाना

धर्मगुरुओं और सरदारों ने मूरतों और झूठे पूज्यों को अल्लाह के बराबर खड़ा कर दिया ताकि उनकी चौधराहट और कमाई चलती रहे। अल्लाह ने चेतावनी दी कि दुनिया की चंद रोज़ा ज़िंदगी में जितना मज़ा उड़ाना है उड़ा लो, अंततः तुम्हें दोज़ख़ की आग में ही गिरना है।

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