कुरान - 14:51 सूरह इब्राहीम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

51
لِيَجۡزِيَ ٱللَّهُ كُلَّ نَفۡسٖ مَّا كَسَبَتۡۚ إِنَّ ٱللَّهَ سَرِيعُ ٱلۡحِسَابِ

Transliteration: (Liyajziyal laahu kulla nafsim maa kasabat; innal laaha saree'ul hisaab)

ताकि अल्लाह प्रत्येक जीव को उसका बदला दे जो कुछ उसने कमाया है; निश्चय ही अल्लाह बहुत शीघ्र हिसाब लेने वाला है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह इब्राहीम आयत 51 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह इब्राहीम – आयत 51 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] कर्मों का पूर्ण न्याय और त्वरित हिसाब

यह सारी व्यवस्था इसलिए है ताकि हर इंसान को उसके अच्छे या बुरे आमाल का पूरा न्यायसंगत प्रतिफल मिले। किसी पर ज़रा भी ज़ुल्म नहीं होगा। अल्लाह पूरी कायनात का हिसाब पलक झपकते ही पूरा करने वाला है।

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