कुरान - 19:14 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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وَبَرَّۢا بِوَٰلِدَيۡهِ وَلَمۡ يَكُن جَبَّارًا عَصِيّٗا

Transliteration: (Wa barram biwaalidayhi wa lam yakum jabbaaran 'asiyyaa)

और अपने माँ-बाप के साथ हुस्ने सुलूक करने वाले थे, और वे सरकश व नाफ़रमान न थे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 14 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 14

✅ वालिदैन की फ़रमांबरदारी

वे अपने बूढ़े माँ-बाप की दिलोजान से ख़िदमत करते थे, उनमें ज़रा बराबर भी तकब्बुर, ज़ुल्म या सरकशी न थी।

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