कुरान - 19:13 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

13
وَحَنَانٗا مِّن لَّدُنَّا وَزَكَوٰةٗۖ وَكَانَ تَقِيّٗا

Transliteration: (Wa hanaanam mil ladunnaa wa zakaatanw wa kaana taqiyyaa)

और अपनी बारगाह से ख़ास नरमी (शफ़क़त) और पाकीज़गी अता की; और वे बड़े ही परहेज़गार (मुत्तक़ी) थे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 13 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 13

✅ हज़रत यह्या का तक़वा और पाकीज़ा सीरत

अल्लाह ने हज़रत यह्या के दिल में मख़्लूक़ के लिए बेपनाह रहम व मोहब्बत, गुनाहों से मुकम्मल पाकीज़गी और तक़वे का आला तरीन मक़ाम रखा था।

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