कुरान - 19:12 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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يَٰيَحۡيَىٰ خُذِ ٱلۡكِتَٰبَ بِقُوَّةٖۖ وَءَاتَيۡنَٰهُ ٱلۡحُكۡمَ صَبِيّٗا

Transliteration: (Yaa Yahyaa khuzil Kitaaba biquwwatinw wa aatainaahul hukma sabiyyaa)

'ऐ यह्या! किताब (तौरात) को मज़बूती से थाम लो;' और हमने उन्हें बचपन ही में हिकमत व फ़हम (नबुव्वत) अता फ़रमा दी थी। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 12 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 12

✅ हज़रत यह्या की हिकमत और बचपन में इल्म

हज़रत यह्या (अलैहिस्सलाम) पैदा हुए तो अल्लाह ने उन्हें बचपन ही में अक़्ल, हिकमत और तौरात की समझ अता फ़रमाई और हुक्म दिया कि अल्लाह की किताब पर मज़बूती से अमल करो।

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