कुरान - 19:34 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

34
ذَٰلِكَ عِيسَى ٱبۡنُ مَرۡيَمَۖ قَوۡلَ ٱلۡحَقِّ ٱلَّذِي فِيهِ يَمۡتَرُونَ

Transliteration: (Zaalika 'Eesab-nu Maryama; qawlal haqqil lazee feehi yamtaroon)

यह हैं ईसा इब्ने मरयम! सच्ची बात जिसमें ये लोग शक व शुबहे में पड़े हुए हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 34 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 34

✅ हज़रत ईसा की हक़ीक़त: बन्दा व रसूल

अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह है हज़रत ईसा की मुकम्मल और दो-टूक हक़ीक़त। वे अल्लाह के बन्दे और रसूल हैं। ईसाई उन्हें अल्लाह का बेटा बनाकर और यहूदी उन पर बोहतान बांधकर गुमराही और शक में मुब्तला हैं।

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