कुरान - 19:32 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

32
وَبَرَّۢا بِوَٰلِدَتِي وَلَمۡ يَجۡعَلۡنِي جَبَّارٗا شَقِيّٗا

Transliteration: (Wa barram biwaalidatee wa lam yaj'alnee jabbaaran shaqiyyaa)

'और अपनी माँ के साथ हुस्ने सुलूक करने वाला (बनाया है), और उसने मुझे सरकश व बदबख़्त नहीं बनाया;' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 32 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 32

✅ माँ की ख़िदमत और आजिज़ाना मिज़ाज

चूँकि हज़रत ईसा का कोई बाप न था, इसलिए ख़ास तौर पर माँ के साथ हुस्ने सुलूक और उनकी अज़ीम पाकीज़गी की गवाही दी, और फ़रमाया कि अल्लाह ने मुझे किसी पर ज़ुल्म करने वाला या बदक़िस्मत नहीं बनाया।

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