कुरान - 19:52 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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وَنَٰدَيۡنَٰهُ مِن جَانِبِ ٱلطُّورِ ٱلۡأَيۡمَنِ وَقَرَّبۡنَٰهُ نَجِيّٗا

Transliteration: (Wa naadainaahu min jaanibit Tooril aimani wa qarrabnaahu najiyyaa)

और हमने उन्हें तूर (पहाड़) की दायें जानिब से पुकारा, और राज़ की बातें करने के लिए उन्हें अपने क़रीब किया। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 52 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 52

✅ कलीमुल्लाह: कोहे तूर पर सरगोशी का शर्फ़

अल्लाह तआला ने कोहे तूर पर हज़रत मूसा से ब-राहे रास्त कलाम फ़रमाया और उन्हें कुर्बे ख़ास अता करके सरगोशी (राज़दाराना गुफ़्तगू) का अज़ीम शर्फ़ बख़्शा।

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