कुरान - 19:50 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

50
وَوَهَبۡنَا لَهُم مِّن رَّحۡمَتِنَا وَجَعَلۡنَا لَهُمۡ لِسَانَ صِدۡقٍ عَلِيّٗا

Transliteration: (Wa wahabnaa lahum mirrahmatinaa wa ja'alnaa lahum lisaana sidqin 'aliyyaa (section 3))

और हमने उन्हें अपनी ख़ास रहमत अता फ़रमाई, और उनके लिए (क़ियामत तक) सच्ची और बुलंद शोहरत (तारीफ़) रख दी। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 50 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 50

✅ लिसान-ए-सिद्क़: हमेशा रहने वाली बुलंद तारीफ़

अल्लाह ने हज़रत इब्राहीम और उनकी औलाद को दुनिया भर में ऐसी बुलंद शोहरत और इज़्ज़त अता की कि आज दुनिया का हर मज़हब और हर मोमिन उन पर दरूद और सलाम भेजता है और उनकी ताज़ीम करता है।

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