कुरान - 19:48 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

48
وَأَعۡتَزِلُكُمۡ وَمَا تَدۡعُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ وَأَدۡعُواْ رَبِّي عَسَىٰٓ أَلَّآ أَكُونَ بِدُعَآءِ رَبِّي شَقِيّٗا

Transliteration: (Wa a'tazilukum wa maa tad'oona min doonil laahi wa ad'oo Rabbee 'asaaa allaaa akoona bidu'aaa'i Rabbee shaqiyyaa)

'और मैं आप लोगों से और उन (माबूदों) से जिन्हें आप अल्लाह के सिवा पुकारते हैं अलग होता हूँ, और मैं अपने रब को पुकारता हूँ; उम्मीद है कि मैं अपने रब को पुकार कर महरूम नहीं रहूँगा।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 48 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 48

✅ शिर्क के माहौल से हिजरत और तौहीद पर तवक्कुल

हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) ने अपने दीन की हिफ़ाज़त के लिए वतन, ख़ानदान और बुतों को छोड़कर हिजरत फ़रमाई और सिर्फ़ अपने रब की इबादत में लग गए।

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