कुरान - 19:46 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

46
قَالَ أَرَاغِبٌ أَنتَ عَنۡ ءَالِهَتِي يَـٰٓإِبۡرَٰهِيمُۖ لَئِن لَّمۡ تَنتَهِ لَأَرۡجُمَنَّكَۖ وَٱهۡجُرۡنِي مَلِيّٗا

Transliteration: (Qaala araaghibun anta 'an aalihatee yaaa Ibraaheemu la 'il lam tantahi la arjumannaka wahjurnee maliyyaa)

बाप ने कहा, 'ऐ इब्राहीम! क्या तू मेरे माबूदों से मुंह मोड़ता है? अगर तू बाज़ न आया, तो मैं तुझे ज़रूर संगसार (पत्थरों से हलाक) कर दूंगा; और तू एक लम्बे ज़माने के लिए मुझसे दूर हो जा!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 46 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 46

✅ मुशरिक बाप की धमकी और बेरुख़ी

मुशरिक बाप ने इन शफ़ीक़ाना नसीहतों के जवाब में पत्थर मारने और क़त्ल करने की धमकी दी और गुस्से में कहा कि हमेशा के लिए मेरी आंखों से दूर हो जा।

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