कुरान - 19:47 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

47
قَالَ سَلَٰمٌ عَلَيۡكَۖ سَأَسۡتَغۡفِرُ لَكَ رَبِّيٓۖ إِنَّهُۥ كَانَ بِي حَفِيّٗا

Transliteration: (Qaala salaamun 'alaika sa astaghfiru laka Rabbeee innahoo kaana bee hafiyyaa)

इब्राहीम ने कहा, 'आप पर सलामती हो! मैं अपने रब से आपके लिए मग़फ़िरत (बख़्शिश) की दुआ करूँगा; बेशक वह मुझ पर बहुत मेहरबान है।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 47 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 47

✅ हज़रत इब्राहीम का सब्र और अज़ीम अख़्लाक़

गालियों और धमकियों के जवाब में हज़रत इब्राहीम ने सलामती का पैग़ाम दिया और फ़रमाया कि मैं आपके लिए अपने रब से हिदायत और बख़्शिश की दुआ माँगता रहूँगा (जब तक कि बाद में मुशरिकों के लिए दुआ करने से मना न फ़रमा दिया गया)।

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